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ऑफिस में आम का पहला डिब्बा

ऑफिस में आम का पहला डिब्बा

Localized Hindi weekday office comedy set in India during mango season. Bright, social, affectionate, and sharply observed. Avoid scarcity framing and avoid turning the story into strangers bonding over inconvenience; this should feel like a lively seasonal culture moment inside a familiar office routine.

मई की गर्म दोपहर में राज को अपने घर से आम का पहला डिब्बा ऑफिस लाने का विचार आता है। जैसे ही वह इसे ऑफिस के रसोई में रखता है, पूरा ऑफिस फ़्लोर इसके बारे में जानने लगता है। प्रिया, विक्रम, और अन्य कर्मचारी आम की किस्म, काटने का तरीका, फ्रिज में जगह, और आमरस बनाने की संभावना को लेकर बहस करने लगते हैं। छोटी-छोटी बातों से एक अनौपचारिक "आम समिति" बन जाती है, जहाँ हर कोई अपनी राय देना चाहता है। आखिरकार, सब मिलकर आम को काटते हैं और दोपहर का खाना खुशी से साझा करते हैं।

ComedyDigital ArtHindi8 pages
▸ CAST

CHARACTERS

विक्रम

supporting

Vikram is a serious and opinionated office worker in his late 30s. He has short, neatly combed black hair, dark brown eyes, and a slightly darker South Asian skin tone. He wears a crisp white button-down shirt and dark grey trousers. He has an average, slightly muscular build and often displays a serious, determined, or easily agitated expression.

राज

supporting

Raj is an office worker in his late 20s or early 30s. He has short, neat black hair, dark brown eyes, and a warm South Asian skin tone. He wears a light blue collared shirt and dark trousers, typical office attire. He has an average build and often carries a proud, thoughtful, or peacemaking expression.

प्रिया

supporting

Priya is an enthusiastic office worker in her mid-20s. She has long, dark brown hair styled in a ponytail, bright brown eyes, and a warm South Asian skin tone. She wears a vibrant yellow kurti with white leggings, a common office outfit. She has a slim build and her expressions are often eager, excited, or amused.

सुनीता

supporting

Sunita is a cheerful and direct office worker in her early 40s. She has shoulder-length wavy black hair, sparkling dark eyes, and a glowing South Asian skin tone. She wears a comfortable, patterned blue saree with a matching blouse. She has an average build and often has a bright smile or a playful, assertive expression.

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Panel 1:एक आधुनिक ऑफिस बिल्डिंग की बाहरी दीवार दिख रही है। मई की धूप तेज़ है और बिल्डिंग की खिड़कियों से प्रतिबिंबित हो रही है। सड़क पर कुछ पेड़ों की छाया पड़ी है।

Panel 2:ऑफिस के अंदर, एक खुली डेस्क एरिया। राज अपनी डेस्क पर बैठा है, उसके हाथों में एक लकड़ी का डिब्बा है जिस पर "आम" लिखा है। उसके चेहरे पर गर्व की मुस्कान है। पास की डेस्कों पर अन्य कर्मचारी काम कर रहे हैं।

राज: देखो, आम का पहला डिब्बा! माँ ने भेजा है।

Panel 3:प्रिया अपनी डेस्क से उठती है, तेज़ी से राज की ओर देखती है। उसकी आँखें चमकदार हैं और वह उत्सुकता से आगे बढ़ रही है। उसका चेहरा उत्साहित दिख रहा है।

प्रिया: आम? किस किस्म के? अल्फांसो या दशहरी?

Panel 4:विक्रम अपनी कुर्सी से उठ जाता है और राज के पास आता है। उसका चेहरा गंभीर है। अन्य कर्मचारी भी अपनी डेस्कों से देखने लगते हैं।

विक्रम: दशहरी तो कभी पकता नहीं। अल्फांसो ही सही है।

Panel 5:राज डिब्बा खोलता है। सुनहरे रंग के आम दिखते हैं। राज का चेहरा डिब्बे की ओर झुका है। प्रिया और विक्रम दोनों झलक देखने के लिए गर्दन आगे करते हैं।

राज: देख लो खुद ही।

Panel 6:पूरे ऑफिस फ़्लोर से कर्मचारी दौड़ते हुए राज के पास आते हैं। कम से कम पाँच-छः लोग खड़े हो जाते हैं। सब आमों को देख रहे हैं। कुछ बातचीत कर रहे हैं, कुछ हाथ उठाए हुए हैं।

अन्य कर्मचारी: वाह! कितना अच्छा!

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Panel 1:ऑफिस के रसोई क्षेत्र में, राज आमों को निकाल रहा है और टेबल पर रख रहा है। प्रिया उसके बगल में खड़ी है। दीवार पर एक बड़ा फ्रिज दिख रहा है।

प्रिया: इन्हें फ्रिज में रखना चाहिए। जल्दी खराब हो जाएँगे।

Panel 2:विक्रम अपना सिर हिलाता है, असहमति दिखाता है। उसकी बाहें क्रॉस हैं। उसके चेहरे पर दृढ़ अभिव्यक्ति है।

विक्रम: नहीं, नहीं! कमरे के तापमान पर रखेंगे तो मीठे हो जाएँगे।

Panel 3:राज के हाथ में एक आम है। वह उसे देखता है, सूँघता है। उसके चेहरे पर विचारशील भाव है। प्रिया और विक्रम दोनों उसकी ओर देख रहे हैं।

राज: अभी तो कच्चे हैं। पकने दें।

Panel 4:एक और कर्मचारी, सुनीता, रसोई में प्रवेश करती है। उसके हाथ में एक चाकू है। वह आमों को देखती है और मुस्कुराती है।

सुनीता: अभी खा सकते हैं! एक काट दें?

Panel 5:विक्रम तेज़ी से आगे बढ़ता है, सुनीता के हाथ से चाकू लेने की कोशिश करता है। उसका चेहरा गुस्से से भरा है।

विक्रम: पहले पकने दो! अभी काटने से खराब हो जाएँगे।

Panel 6:राज दोनों के बीच खड़ा हो जाता है, अपने हाथ उठाता है। उसके चेहरे पर शांति बनाने की कोशिश दिख रही है। प्रिया पृष्ठभूमि में हँस रही है।

राज: सब को आमरस बनाएँगे। सब को खाना मिलेगा।

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Panel 1:ऑफिस के डाइनिंग एरिया में, सब कर्मचारी एक बड़ी टेबल के चारों ओर बैठे हैं। राज, प्रिया, विक्रम, सुनीता, और अन्य कर्मचारी आमों के बारे में बहस कर रहे हैं। कुछ लोग अपने हाथ उठाए हुए हैं, जैसे वे बोलना चाहते हैं।

प्रिया: आमरस के लिए दशहरी ही बेहतर है।

Panel 2:विक्रम तेज़ी से बोलता है, अपनी बात को जोर देता है। उसकी उँगली उठी है, जैसे वह सबको सिखा रहा है।

विक्रम: बकवास! अल्फांसो में ज्यादा मीठापन होता है।

Panel 3:सुनीता अपनी कुर्सी से उठती है। उसके चेहरे पर हँसी दिख रही है। वह अपना एक हाथ हवा में उठाती है।

सुनीता: तुम दोनों को शांत हो जाना चाहिए!

Panel 4:राज, जो टेबल के सिरे पर बैठा है, अपनी कुर्सी पर पीछे झुकता है। उसके चेहरे पर थकावट दिख रही है। उसके हाथ अपने सिर पर हैं।

राज: यह तो "आम समिति" बन गई!

Panel 5:सब हँसते हैं। कमरे में हँसी की गूँज होती है। सब अपनी-अपनी कुर्सियों पर बैठे हैं, एक-दूसरे की ओर देख रहे हैं।

Panel 6:प्रिया अपना हाथ उठाती है, एक प्रस्ताव देती है। उसके चेहरे पर एक स्पष्ट विचार दिख रहा है।

प्रिया: फिर लंच के बाद सब मिलकर आमरस बनाएँगे।

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Panel 1:दोपहर का समय। ऑफिस के रसोई में, राज और विक्रम एक बड़ी कटोरी पर झुके हुए हैं। उनके हाथों में आम हैं। एक चाकू टेबल पर रखा है। पृष्ठभूमि में अन्य कर्मचारी खड़े हैं, देख रहे हैं।

विक्रम: ऐसे काटते हैं, बीच से। सावधानी से।

Panel 2:राज धीरे से चाकू को आम के बीच में डालता है। आम का गूदा चमकदार है। उसके चेहरे पर ध्यान दिख रहा है।

Panel 3:आम के दोनों हिस्से अलग हो जाते हैं। गूदा सुनहरा और मीठा दिख रहा है। सब अपनी गर्दन आगे करते हैं, जैसे वे इसे बेहतर देखना चाहते हैं।

सुनीता: वाह! कितना पका हुआ है!

Panel 4:प्रिया एक कटोरी में आम का गूदा निकालना शुरू करती है। एक मेज़ पर मसल का पत्थर और एक चम्मच रखा है। अन्य कर्मचारी हाथ जोड़े हुए खड़े हैं, धैर्य से इंतज़ार कर रहे हैं।

प्रिया: अब आमरस बनाएँगे।

Panel 5:प्रिया और सुनीता दोनों मिलकर आम को मसल रहे हैं। एक मलाईदार, सुनहरा गूदा कटोरी में बन रहा है। दोनों की आँखें खुश हैं।

Panel 6:राज एक चम्मच से आमरस को हिलाता है। उसका चेहरा संतुष्टि से भरा है। सब अपने कप और कटोरियों को लेकर खड़े हैं, आमरस के लिए तैयार हैं।

राज: तैयार है! सब को दे दूँ?

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Panel 1:ऑफिस के डाइनिंग एरिया में, सब कर्मचारी अपनी कुर्सियों पर बैठे हैं। हर एक के पास एक कप या कटोरी में आमरस है। वे अपने चम्मचों से आमरस खा रहे हैं।

Panel 2:विक्रम अपनी आँखें बंद करता है, आनंद का अनुभव करता है। उसके चेहरे पर संतुष्टि दिख रही है। उसके चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान है।

विक्रम: अरे, यह तो शानदार है!

Panel 3:प्रिया अपना कप उठाती है, राज की ओर देखती है। उसके चेहरे पर कृतज्ञता दिख रही है।

प्रिया: तुमने हमें एक अच्छा दिन दिया, राज।

Panel 4:सुनीता अपना चम्मच उठाता है, एक और कप खींचता है। उसके चेहरे पर मज़े की अभिव्यक्ति दिख रही है।

सुनीता: अगले हफ़्ते कौन आम लाएगा?

Panel 5:सब हँसते हैं। राज अपना सिर हिलाता है, मुस्कुराता है। उसके चेहरे पर गर्व दिख रहा है।

Panel 6:राज अपना कप उठाता है, एक ट्रस्ट दे रहा है। सब अपने कप उठाते हैं, एक-दूसरे की ओर देखते हैं।

राज: "आम समिति" का पहला मीटिंग सफल रहा!

PAGE 6

Panel 1:शाम को, ऑफिस कम भीड़ है। सब कर्मचारी अपनी डेस्कों पर बैठे हैं, काम कर रहे हैं। खिड़की से सूरज ढल रहा है।

Panel 2:राज अपनी डेस्क पर बैठा है, अपने कंप्यूटर पर काम कर रहा है। उसके पास अभी भी कुछ आम रखे हैं, एक कागज़ की थैली में।

Panel 3:विक्रम अपनी डेस्क से उठता है, राज के पास जाता है। उसके हाथ में एक नोटपैड है।

विक्रम: अगले हफ़्ते मैं आम लाऊँ?

Panel 4:राज मुस्कुराता है, अपनी थम्ब अप करता है। उसके चेहरे पर खुशी दिख रही है।

राज: बिल्कुल! हर हफ़्ते एक नया सदस्य।

Panel 5:प्रिया और सुनीता भी पास आती हैं। सब अपने-अपने डेस्क के पास खड़े हैं, हँस रहे हैं।

प्रिया: तो "आम समिति" हर हफ़्ते होगी?

Panel 6:सब अपने सिर हिलाते हैं, सहमत होते हैं। उनके चेहरों पर खुशी दिख रही है। खिड़की से सूरज पूरी तरह ढल चुका है।

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Panel 1:अगले हफ़्ते, सोमवार की सुबह। ऑफिस फिर से भीड़ है। सब अपनी डेस्कों पर बैठे हैं।

Panel 2:विक्रम दरवाज़े के पास खड़ा है, उसके हाथों में एक नया आम का डिब्बा है। उसका चेहरा गर्व से भरा है।

विक्रम: मैं आम का डिब्बा लाया!

Panel 3:राज, प्रिया, और सुनीता तुरंत उठ जाते हैं, विक्रम की ओर दौड़ते हैं। उनके चेहरों पर उत्साह दिख रहा है।

प्रिया: किस किस्म के हैं?

Panel 4:विक्रम डिब्बा खोलता है। अलग-अलग रंग के आम दिखते हैं - कुछ हरे, कुछ सुनहरे, कुछ लाल।

विक्रम: अलग-अलग किस्मों का मिश्रण।

Panel 5:सुनीता अपने हाथ जोड़ती है, खुशी से नाचती है। उसके चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान है।

सुनीता: अरे, यह तो और भी बेहतर है!

Panel 6:पूरे ऑफिस में एक नई ऊर्जा दिखती है। कर्मचारी अपनी डेस्कों से उठते हैं, विक्रम के पास आते हैं। कमरे में खुशी और हँसी की गूँज होती है।

PAGE 8

Panel 1:एक मंथन का दृश्य। ऑफिस के विभिन्न हिस्सों में विभिन्न बातें हो रही हैं। एक कोने में, राज और विक्रम आमों के बारे में बहस कर रहे हैं। दूसरे कोने में, प्रिया और सुनीता रसोई में आमरस बना रहे हैं।

राज: इस हफ़्ते किस्मों को मिक्स करेंगे।

Panel 2:एक पैनल में, राज अपनी डेस्क पर बैठा है, एक नोटपैड निकालता है। उसके चेहरे पर एक नया विचार आता है।

राज: "आम समिति" के लिए नियम बनाने चाहिए।

Panel 3:विक्रम अपने सिर को हिलाता है, सहमति दिखाता है। उसके चेहरे पर एक गंभीर अभिव्यक्ति है, लेकिन उसकी आँखें खुश हैं।

विक्रम: सही कहा! हर हफ़्ते एक नया सदस्य, नई किस्म।

Panel 4:प्रिया और सुनीता रसोई में खड़ी हैं, एक बड़ी कटोरी में आमरस बना रहे हैं। दोनों की आँखें चमकदार हैं।

प्रिया: लंच टाइम में सब को दे देंगे।

Panel 5:पूरे ऑफिस का एक बड़ा दृश्य। सब कर्मचारी अपनी-अपनी जगह पर हैं, लेकिन सब एक-दूसरे की ओर देख रहे हैं, मुस्कुरा रहे हैं। कमरे में एक नई ऊर्जा दिख रही है।

Panel 6:अंतिम पैनल - एक क्लोज़-अप, राज के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान है। उसके पीछे, खिड़की से धूप आ रही है, जो उसके चेहरे को रोशन कर रही है। उसके चेहरे पर संतुष्टि और खुशी दिख रही है।

राज: मई के महीने में सब कुछ बदल जाता है... आम के साथ।

Narrator:और इस तरह, एक साधारण डिब्बा, एक पूरे ऑफिस को एक परिवार बना देता है।

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